हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्य योजनाएं एवं पहल

जनमंच

जनता से सीधा संवाद स्थापित करने तथा जन शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए 3 जून 2018 को आयोजित प्रथम जन्म से अब तक 8 विधानसभा क्षेत्र में कुल 200 जनमंच आयोजित किए गए हैं।

जिनमें 48694 शिकायतें व मांगपत्र प्राप्त हुए है इन शिकायतों में से 91 प्रतिशत से ज्यादा का निपटारा किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100

जन शिकायत निवारण तंत्र को और भी बेहतर व प्रभावशाली बनाने के लिए 16 सितंबर 2019 से आरंभ इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग टोल फ्री नंबर- 1100 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

1.49 लाख शिकायतें प्राप्त, जिनमें से 94000 का समाधान किया गया।

‘माई गोव’ पोर्टल

सरकार व प्रशासन में जन भागीदारी को बढ़ावा देने तथा सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों में आमजन की राय जानने व सुझाव आमंत्रित करने के लिए 6 जनवरी 2020 को मई को पोर्टल आरंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री राहत कोष

जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए गठित इस कोष को तहत 48 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना

योजना के तहत 18 से 45 वर्ष के युवाओं के लिए 60 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 25% को निवेश योगदान का प्रावधान।

महिलाओं के लिए 30% व विधवाओं को 35 % प्रतिशत का उपदान।

योजना के तहत 1095 इकाइयां स्थापित, जिनमें 3218 लोगों को रोजगार मिला व 47.78 करोड़ की सब्सिडी प्रदान।

प्राकृतिक खेती-खुशहाल किसान

रसायनिक उर्वरकों को कीटनाशकों के उपयोग को समाप्त कर खेती की लागत को कम करने के लिए आरम्भ योजना के तहत प्रदेश के 7835 किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया।

मुख्यमंत्री के संरक्षण योजना

जंगली जानवरों में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए आरंभ इस योजना के तहत 3853 किसानों को 104.12 कोरोड रुपए के लाभ प्रदान।

कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम

किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर व वीडर खरीदने पर 50% के उपदान का प्राबधान।

योजना के तहत 01 लाख से अधिक किसानों को 56.50 करोड़ के लाभ प्रदान।

जल जीवन मिशन

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में लगभग 2.12 लाख घरों को नल से जल उपलब्ध कराया गया।

प्रथम चरण मे 2896.54 करोड़ रुपए की 327 योजनाएं स्वीकृत।

मुख्यमंत्री आवास योजना

योजना के तहत 61.83 करोड़ रुपए व्यय कर 3359  मकान निर्मित।

विभिन्न आवास योजनाओं के अंतर्गत 10,000 नए आवास निर्मित करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 46.35 करोड़ रुपए व्यय कर 3392 मकान निर्मित।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 5169 मकान निर्मित किए जा चुके हैं।

जीवन धारा

लोगों को उनके घर-द्वार पर अस्पताल की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जीवन धारा मोबाइल हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर योजना आरंभ की गई।

प्रारंभ में लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष 10 जिलों में यह योजना चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री निरोग योजना

गैर संचारित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए आरंभ इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों की शुगर व बी.पी आदि की निशुल्क जांच की जा रही है।

योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अब तक 21.34 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवाई योजना

योजना के अंतर्गत सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी मरीजों को निर्धारित दवाइयां, सुईयां वह पट्टियां आदि निशुल्क प्रदान की जा रही है।

योजना के तहत गत वर्ष 80 करोड़ रुपए व्यय, जबकि इस वर्ष के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।

बेटी है अनमोल योजना

योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों में जन्मी बालिकाओं के नाम बैंक अथवा डाकघर में 12 हज़ार रुपए जमा किए जाते हैं।

इस योजना के तहत अब तक लगभग 77 हज़ार लाभार्थियों को 25.50 करोड रुपए के लाभ प्रदान।

अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती

योजना के अंतर्गत जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां करने वाले विद्यार्थियों के नाम विद्यालय के गौरव पट्ट पर अंकित किए जा रहे हैं।

ताकि विद्यालय व क्षेत्र के बच्चे उनके जीवन से प्रेरित होकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा पा सकें।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत बिना किसी आय सीमा के वृद्धावस्था पेंशन पाने की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष तक पेंशन राशि बढ़ाकर 1500 सो रुपए की गई।

इस समय 2.90 लाख वृद्धजन पेंशन प्राप्त कर रहे हैं,सामान्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 850 रुपए की गई।

विधवाओं तथा दिव्यांगजनों की पेंशन को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,63,607 नए मामले स्वीकृत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 642.58 करोड रुपए व्यय।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना

इस योजना में 1.36 लाख परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए, जिस पर 21.76 करोड रुपए व्यय किए गए।

हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना

योजना में 2.88 लाख परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए, जिस पर 105.23 करोड रुपए व्यय किए गए।

आयुष्मान भारत योजना

3.27 लाख परिवारों ने गोल्डन कार्ड बनाए, अब तक 76 हज़ार लाभार्थियों को 79.42 करोड रुपए की मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान की गई।

हिमकेयर

आयुष्मान योजना में ना आने वाले परिवारों के लिए आरंभ इस योजना के तहत 1.25 लाख विद्यार्थियों को 129 करोड़ पर के नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की गई।

सहारा योजना

योजना के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को 3000 रुपए प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है।

11093 लाभार्थियों को 12.90 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष

गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए गठित इस कोष के तहत 594 लोगों के इलाज के लिए 7.71 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है।

 

 

 

 

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